25, Jul 2026
वह और प्रतीक्षा

वह खड़ी थी द्वार पर,अपनी साँसें रोकी हुई।साँस ही नहीं, अपनी जीवन की गति रोकी थी,बिल्कुल बंद घड़ी की तरह।शायद किसी के आने की प्रतीक्षा में,शायद… पथराई आँखें एकटक,जहाँ आशा की लौ जली भी थी,जिसे जबरदस्ती जला रखा था उसने,जैसे हवा में बुझते दिए को कोई तीली लगा रहा हो।वह…

5, Apr 2026
तुम घर सम्भालो बस

कॉल बेल की आवाज़ से मैं उठ गई। वैसे तो सुबह के ८ बज रहे थे, लेकिन रात में ऑफिस से लेट आने की वजह से मैं देर तक सोई हुई थी और आज रविवार भी था, तो ऑफिस भी नहीं जाना था। मैं और मेरी नींद दोनों छुट्टी के…

15, Aug 2025
हर पल की स्वतंत्रता

स्वतंत्रता दिवस ,बचपन से ही मोहक रहा है। सुबह जल्दी उठना, स्कूल जाना, झंडा फहराना और जलेबी मिलना—ये किसी पर्व से कम नहीं था। धीरे-धीरे बड़े हुए तो समझ आया कि हम स्वतंत्र कैसे हुए, कितने बलिदानों और संघर्षों के बाद हमें यह आज़ादी मिली। बलिदान की इन कहानियों ने…

7, Aug 2025