हिम्मत करो
तुम ताक पर रख आना हताशा की तस्वीर को, तुम भूल-बिसरा देना अपनी बदनसीब तक़दीर को। तुम तम को एक दीप से मिटा देना — हिम्मत करो, तुम साथ चलो हौसलों के संग, इतनी शिद्दत करो। यूँ वक्त का ठहर जाना ,मुमकिन नहीं इस कायनात में, तुम फ़तह कर आओगे…

तुम ताक पर रख आना हताशा की तस्वीर को, तुम भूल-बिसरा देना अपनी बदनसीब तक़दीर को। तुम तम को एक दीप से मिटा देना — हिम्मत करो, तुम साथ चलो हौसलों के संग, इतनी शिद्दत करो। यूँ वक्त का ठहर जाना ,मुमकिन नहीं इस कायनात में, तुम फ़तह कर आओगे…

कुछ ख़ास है आज का दिन, कुछ बड़ा सा सूरज, कुछ ज्यादा सुनहरी किरणें। कुछ ज़्यादा गहराई हुई धरती की हरियाली। कुछ ज्यादा ही खूबसूरत, प्रकृति के नजारे। कुछ ख़ास है आज का दिन, कुछ बड़ी सी हंसी, कुछ बड़ी –बड़ी बातें। छोटी सी उम्र में कुछ बड़े –बड़े वादे।…

ज्ञान की “अरुणिमा” से जीवन में” सुषमा” लाने वाली, दोराहा हो तो “मोनिका “बन उचित राह दिखाने वाली, लक्ष्य को प्राप्त करो , वह है “निकिता “बनाने वाली,हर उस गुरु मां को सरस्वती का “साक्षी” मान कर मै नमन करती हूं। Happy teacher’s day✍️Chanda