हिम्मत करो
तुम ताक पर रख आना हताशा की तस्वीर को, तुम भूल-बिसरा देना अपनी बदनसीब तक़दीर को। तुम तम को एक दीप से मिटा देना — हिम्मत करो, तुम साथ चलो हौसलों के संग, इतनी शिद्दत करो। यूँ वक्त का ठहर जाना ,मुमकिन नहीं इस कायनात में, तुम फ़तह कर आओगे…

तुम ताक पर रख आना हताशा की तस्वीर को, तुम भूल-बिसरा देना अपनी बदनसीब तक़दीर को। तुम तम को एक दीप से मिटा देना — हिम्मत करो, तुम साथ चलो हौसलों के संग, इतनी शिद्दत करो। यूँ वक्त का ठहर जाना ,मुमकिन नहीं इस कायनात में, तुम फ़तह कर आओगे…

कुछ ख़ास है आज का दिन, कुछ बड़ा सा सूरज, कुछ ज्यादा सुनहरी किरणें। कुछ ज़्यादा गहराई हुई धरती की हरियाली। कुछ ज्यादा ही खूबसूरत, प्रकृति के नजारे। कुछ ख़ास है आज का दिन, कुछ बड़ी सी हंसी, कुछ बड़ी –बड़ी बातें। छोटी सी उम्र में कुछ बड़े –बड़े वादे।…

ज्ञान की “अरुणिमा” से जीवन में” सुषमा” लाने वाली, दोराहा हो तो “मोनिका “बन उचित राह दिखाने वाली, लक्ष्य को प्राप्त करो , वह है “निकिता “बनाने वाली,हर उस गुरु मां को सरस्वती का “साक्षी” मान कर मै नमन करती हूं। Happy teacher’s day✍️Chanda

स्वतंत्रता दिवस ,बचपन से ही मोहक रहा है। सुबह जल्दी उठना, स्कूल जाना, झंडा फहराना और जलेबी मिलना—ये किसी पर्व से कम नहीं था। धीरे-धीरे बड़े हुए तो समझ आया कि हम स्वतंत्र कैसे हुए, कितने बलिदानों और संघर्षों के बाद हमें यह आज़ादी मिली। बलिदान की इन कहानियों ने…

ये दोस्त भी न “ग्रीन टी” की तरह होते हैं,बस, डिफरेंस इतना है कि “ग्रीन टी” पी कर बॉडी डिटॉक्स होती है और दोस्त से मिल कर लाइफ….. डिटॉक्स । @chanda✍️

कितनी स्ट्रेंज है न! ये हमारी ज़िन्दगी!सब–कुछ, नाप–तौल कर करना है!जैसे कि ये ज़िन्दगी नहीं.. कोई दुकान हो!तमीज का बट्टा, शराफ़त का तराजू!बस! आप एक “सामान” बन कर रह जाते हो।अपने आप को ताख़ पर रख दो,और दूसरों के लिए रोल मॉडल बन जाओ। बस यही है ये स्ट्रेंज वाली…