
30, Jul 2025
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- By Chanda Sinha
- July 30, 2025 16:18 PM

27, Jul 2025
सफलता की पहचान
जिंदगी में आयाम ऐसा हासिल करो किवक्त बेवक्त लोग तुम्हें सराहें। मंजिल सिर्फ आसमां पाने की न हो तुम्हारी,दिल की समंदरी गहराई मापने का तजुर्बा भी आए। गर चर्चा चले कायनात फ़तह करने वालों की,तो सभी के जुबां पर “बरबस” ,तुम्हारा नाम आए!

23, Jul 2025
सोती हुई तुम।
मुझे अच्छा लगता है !तुम्हारा यूं थक कर सो जाना ! क्यों कि देखता हूं रोज ,अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, तुम्हें “थकते “हुए। मुझे अच्छा लगता है!जब, तुम ऊंघते नयनों को, बिना उनके स्वीकृति के, खोलने की कोशिश करती हो,जैसे वह नयन नहीं !तुम्हारे अस्तित्व की सीमा हो, जिसे तुम…

22, Jul 2025
🌙 मेरी कविताएँ — दिल से शब्दों तक
स्वागत है!यहाँ आप पाएँगे मेरी दिल से लिखी कविताएँ — कुछ सपनों सी, कुछ हकीकत सी।हर कविता में एक अहसास है — कभी प्यार का, कभी जीवन की सच्चाई का,कभी उम्मीद का, तो कभी एक सवाल का। मैं मानती हूँ कि कविता सिर्फ शब्द नहीं होती,बल्कि वो एक झरोखा होती…