5, Apr 2026
माँ घर आ रही …

माँ घर आ रही । अपने आँचल की कोर में बाँधे हुए रूढ़ प्रथाओं को,अपने हृदय में समेटे हुए मेरी बचपन की यादों को। माँ घर आ रही… उसे पता है कि वह सिर्फ़ माँ है, न कि समाज का दिया दर्जा,जहाँ से उसे इजाज़त लेनी पड़े बेटी के ससुराल…

5, Aug 2025