मेरी कविताएँ
मेरी भावनाओं की उड़ान, मेरे शब्दों की सच्चाई। ~चंदा
बारिश में भीगती हुई लड़कियाँ अब भागती नहीं हैं घर की ओर।आकाश से गिरती बूंदों को देख छुपती नहीं हैं…
क्यों रोती नहीं बेटियां ,जब जाती हैं पढ़ने को,अपने माँ-बाप से दूर,दूर देश, दूर का आकाश, दूर का संसार,कितने भी…
माँ घर आ रही । अपने आँचल की कोर में बाँधे हुए रूढ़ प्रथाओं को,अपने हृदय में समेटे हुए मेरी…