हिम्मत करो
तुम ताक पर रख आना हताशा की तस्वीर को, तुम भूल-बिसरा देना अपनी बदनसीब तक़दीर को। तुम तम को एक दीप से मिटा देना — हिम्मत करो, तुम साथ चलो हौसलों के संग, इतनी शिद्दत करो। यूँ वक्त का ठहर जाना ,मुमकिन नहीं इस कायनात में, तुम फ़तह कर आओगे…

तुम ताक पर रख आना हताशा की तस्वीर को, तुम भूल-बिसरा देना अपनी बदनसीब तक़दीर को। तुम तम को एक दीप से मिटा देना — हिम्मत करो, तुम साथ चलो हौसलों के संग, इतनी शिद्दत करो। यूँ वक्त का ठहर जाना ,मुमकिन नहीं इस कायनात में, तुम फ़तह कर आओगे…