बारिश में भीगती हुई लड़कियाँ
बारिश में भीगती हुई लड़कियाँ अब भागती नहीं हैं घर की ओर।आकाश से गिरती बूंदों को देख छुपती नहीं हैं किसी के घर के छज्जे के नीचे,बादली मौसम को देख ठहरती नहीं हैं किसी पेड़ की छाँव में, बचाते हुए ख़ुद को कुछ कम गीले कपड़ों में। वह चलती है…

