“दुनियां दोस्तों वाली”
कितनी स्ट्रेंज है न! ये हमारी ज़िन्दगी!सब–कुछ, नाप–तौल कर करना है!जैसे कि ये ज़िन्दगी नहीं.. कोई दुकान हो!तमीज का बट्टा, शराफ़त का तराजू!बस! आप एक “सामान” बन कर रह जाते हो।अपने आप को ताख़ पर रख दो,और दूसरों के लिए रोल मॉडल बन जाओ। बस यही है ये स्ट्रेंज वाली…
