
7, Aug 2025
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- By Chanda Sinha
- August 7, 2025 16:26 PM

4, Aug 2025
“दुनियां दोस्तों वाली”
कितनी स्ट्रेंज है न! ये हमारी ज़िन्दगी!सब–कुछ, नाप–तौल कर करना है!जैसे कि ये ज़िन्दगी नहीं.. कोई दुकान हो!तमीज का बट्टा, शराफ़त का तराजू!बस! आप एक “सामान” बन कर रह जाते हो।अपने आप को ताख़ पर रख दो,और दूसरों के लिए रोल मॉडल बन जाओ। बस यही है ये स्ट्रेंज वाली…

27, Jul 2025
सफलता की पहचान
जिंदगी में आयाम ऐसा हासिल करो किवक्त बेवक्त लोग तुम्हें सराहें। मंजिल सिर्फ आसमां पाने की न हो तुम्हारी,दिल की समंदरी गहराई मापने का तजुर्बा भी आए। गर चर्चा चले कायनात फ़तह करने वालों की,तो सभी के जुबां पर “बरबस” ,तुम्हारा नाम आए!

23, Jul 2025
सोती हुई तुम।
मुझे अच्छा लगता है !तुम्हारा यूं थक कर सो जाना ! क्यों कि देखता हूं रोज ,अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए, तुम्हें “थकते “हुए। मुझे अच्छा लगता है!जब, तुम ऊंघते नयनों को, बिना उनके स्वीकृति के, खोलने की कोशिश करती हो,जैसे वह नयन नहीं !तुम्हारे अस्तित्व की सीमा हो, जिसे तुम…

22, Jul 2025
🌙 मेरी कविताएँ — दिल से शब्दों तक
स्वागत है!यहाँ आप पाएँगे मेरी दिल से लिखी कविताएँ — कुछ सपनों सी, कुछ हकीकत सी।हर कविता में एक अहसास है — कभी प्यार का, कभी जीवन की सच्चाई का,कभी उम्मीद का, तो कभी एक सवाल का। मैं मानती हूँ कि कविता सिर्फ शब्द नहीं होती,बल्कि वो एक झरोखा होती…


